Thursday, 7 January 2016



समकालीन जनमत, जनवरी 2016 




पहला पन्ना 
हमारे वतन की नई जिंदगी हो

आवरण कथा 
दुहरा आजीवन कारावास और प्रिकोल श्रमिकों का संघर्ष 



सामयिकी 
आज के दौर में वामपंथ की भूमिका- प्रणय कृष्ण/ दीपंकर भट्टाचार्य

संस्थागत दंगा मशीनरी- इरफान इंजीनियर

देश का दुश्मन नहीं है भारतीय मुसलमान- भंवर मेघवंशी

हिंदुत्ववाद को चाहिए उन्माद- सुधीर सुमन

भाजपा फिर राम (मंदिर) भरोसे- मनोज कुमार सिंह

बुरे फंसे मोदी के चाणक्य- महेंद्र मिश्र

पड़ोस क्या हिंदू राष्ट्र नहीं बनने से ‘मोदी जी’ हैं नाराज!- मनोज कुमार सिंह

शिक्षा आत्महत्या की शिक्षा- प्रेमपाल शर्मा

गतिविधि पटना फिल्मोत्सव, प्रेमचंद की कहानी पर संगोष्ठी (इलाहाबाद)



कवि विद्रोही की स्मृति

मैं जिंदा हूं और गा रहा हूं- प्रणय कृष्ण

लाल सलाम कामरेड विद्रोही- कविता कृष्णन

कवि, विद्रोही और ड्राप आउट- संदीप सिंह

विद्रोही की काव्यभूमि- बृजेश यादव

जिस विद्रोही को हम प्यार करते थे...- पल्लवी पाॅल

दिया बहुत-बहुत ज्यादा, लिया बहुत-बहुत कम- मृत्युंजय

कवि की बेटी- राधिका मेनन

विद्रोही की याद में कविताएं- दिनेश कुमार शुक्ल, राधिका, दीपक सिंह

श्रद्धांजलि ब्रह्मदेव शर्मा, पंकज सिंह- कौशल किशोर

कविताएं जैसे पवन पानी: पंकज सिंह

विद्रोही की कविताएं

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